जब जरुरत के समय काम आने वाला पैसा बदल सकता है ….तो तू क्या चीज है

अगर मेरी माँ और उसकी होने वाली बहू मेरे साथ है, तो इस कमबख्त दुनिया की मेरे सामने किसी ने विश्वास तोडा किसी ने दिल.. और लोगों को लगता है कि..बदल गये हम

पाना है मुक्काम मुक्काम अभी बाकी है अभी तो जमीन पै आये है असमान की उडान बाकी है!

दुश्मन के सितम का खौफ नहीं हमको, हम तो दोस्तो के रूठ जाने से डरते है!

जिसकी जितनी औकात होती है वो उतने ही बड़े फैसले लेता है,कांग्रेस ने चवन्नी बन्द की थी

एक बात हमेशा याद रखना, कभी किसी को छोटा मत समझना, वक्त सबका आता है…..

हम सादगी में झुक क्या गए , तुमने तो हमे गिरा हुआ ही समझ लिया!

अपनी हैसियत ऐसी की लोग देखके अपनी औकात भूल जाये ….और अपनी शख्सियत ऐसी की लोग देखके खुद को भूल जाये!

ना मैं गिरा और ना मेरी उम्मीदों की मीनारें गिरी पर मुझे गिराने में कई लोग बार बार गिरे….

पढ़ते क्या हो आंखों में मेरी कहानी? … Attitude  में रहना तो आदत है मेरी पुरानी

इन्कार है जिन्हे आज मुझसे मेरा वक्त देखकर,मै खूद को इतना काबील बनाउंगा वो मिलेंगे मूझसे वक्त लेकर!

सुधरी हे तो बस मेरी आदतेवरना मेरे शौक.. वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं…!!

हुकुमत वो ही करता हे जिसका दिलो पर राज होता हे !!!! वरना यू तो गली के मुर्गो के सिरो पे भी ताज होता हे …!!

अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो तरीके बदलो, ईरादे नही

हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं !समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!नाम इसलिए उँचा हैं..हमाराक्योंकि……हम बदला लेने की नही ,’बदलाव लाने, की सोच रखते हैं

जीत हासिल करनी हो तो काबिलियत बढाओकिस्मत की रोटी तो कुत्तों को भी नसीब हो जाती है

हमारे जीने का तरीका थोड़ा अलग है,हम उमीद पर नहीं अपनी जिद पर जीते है!

आदत नई हमे पीठ पीछे वार करने की !!दो शब्द काम बोलते है पर सामने बोलते है!

पाना है मुक्काम मुक्काम अभी बाकी है अभी तो जमीन पै आये है असमान की उडान बाकी है!

अकड़ती जा रही हैं हर रोज गर्दन की नसें, आज तक नहीं आया हुनर सर झुकाने का

Attitude तो बचपन से है, जब पैदा हुआ तो डेढ़ साल मैंने किसीसे बात नही की

वो लाख तुझे पूजती होगी मगर तू खुश हो खुदा.. वो मंदिर भी जाती है तो मेरी गली से गुजरने के लिए!

भीङ में खङा होना मकसद नहीं हैं मेरा ,बलकि भीङ जिसके लिए खडी है वो बनना है मुझे!...

वो आईना देख मुस्कुरा के बोलीबेमौत मरेगा मुझ पर मरने वाला

खरीद लेंगे सबकी सारी उदासियाँ दोस्तों ! सिक्के हमारे मिजाज़ के, चलेंगे जिस रोज !

प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा !

हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें , खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी लें  !

मिल सके आसानी से , उसकी ख्वाहिश किसे है? ज़िद तो उसकी है जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं….

मेरे मिज़ाज को समझने के लिए, बस इतना ही काफी है, मैं उसका हरगिज़ नहीं होता….. जो हर एक का हो जाये

लहरों का सुकून तो सभी को पसंद है, लेकिन तुफानो में कश्ती निकालने का मजा ही कुछ और है

क्या ओकात है तेरी जिन्दगी चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है

आसमान में उड़ने वाले जरा ये खबर भी रख….!! जन्नत पहुँचने का रास्ता मिट्टी से ही गुजरता है.!

पिछले बरस था खौफ की तुझको खो ना दूँ कही,अब के बरस ये दुआ है की तेरा सामना ना हो

मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में ..हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है

रेत पर नाम कभी लिखते नहीं,रेत पर नाम कभी टिकते नहीं,लोग कहते है कि हम पत्थर दिल हैं,लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं

हम तो बेज़ान चीज़ों से भी वफ़ा करते हैं,तुझमे तो फिर भी मेरी जान बसी है
लोगो से कह दो हमारी तकदीर से जलना छोड़ देहम घर से दवा नही माँ की दुआलेकर निकलते है

हम भी दरिया है, हमे अपना हुनर मालूम हेजिस तरफ भी चल पडेंगे, रास्ता हो जायेगा 

शहर भर मेँ एक ही पहचान है हमारी’….सुर्ख आँखे,गुस्सैल चेहरा और नवाबी अदायेँ

इरादे सब मेरे साफ़ होते हैं…….इसीलिए, लोग अक्सर मेरे ख़िलाफ़ होते हैँ…!

हर किसी को मैं खुश रख सकूं वो सलीका मुझे नहीं आता मैं नहीं हूँ, वो दिखने का तरीका मुझे नहीं आता

हारने वालो का भी अपना रुतबा होता हैं मलाल वो करे जो दौड़ में शामिल नही थे

मेरी आँखों के जादु से अभी तुम कहा वाकिफ हो, हम उसे भी जीना सिखा देते हे जिसे मरने का शौक हो

दुनिया में आपकी कला से भी ज्यादा चीजों के प्रति आपका नजरिया जरुरी होता हैं

गन्दगी में तो हम सभी हैं, पर कुछ ऐसे भी हैं जो केवल सितारों को ही देखते हैं

दूसरों के प्रति हमारा व्यवहार ये निश्चित करता हैं की हमारे प्रति उनका व्यवहार कैसा होगा !

हम वहीँ है जो दूसरों को दर्शाते हैं. इसलिए हमें इसमें सावधानी बरतनी चाहिए

बातउन्हीं की होती है, जिनमें कोई बातहोती है

सूखे होंटों पे ही होती हैं मीठी बातें प्यास जब बुझ जाये तो लहजे बदल जाते हैं….

गूलाम हूं अपने घर के संस्कारों का .. वरना मै भी लोगों को उनकी औकात दिखाने का हूनर रखता हुं ..!!

रोज स्टेटस बदलने से जिंन्दगी नहीं बदलती,जिंदगी को बदलने के लिये एक स्टेटस काफी है...!!

रियासते तो आती जाती रहती हे,मगर बादशाही करना तो..आज भी लोग हमसे सीखते हे ..!!

मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा हुआ वो ओरो का क्या होगा ..!!

किसी ने विश्वास तोडा किसी ने दिल.. और लोगों को लगता है कि..बदल गये हम ..!!

जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं,मै खुद को नही देखता औरो की नजर से...!!

क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे ..!!!

अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर उंगलिया, जिनकी हमें छूने की औकात नहीं होती ..!!

हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें , खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी लें ..!!

मिल सके आसानी से , उसकी ख्वाहिश किसे है? ज़िद तो उसकी है जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं….

मेरे मिज़ाज को समझने के लिए, बस इतना ही काफी है, मैं उसका हरगिज़ नहीं होता….. जो हर एक का हो जाये ..!

आसमान में उड़ने वाले जरा ये खबर भी रख….!! जन्नत पहुँचने का रास्ता मिट्टी से ही गुजरता है….!

मैं क्यूँ कुछ सोच कर दिल छोटा करूँवो उतनी ही कर सकी वफ़ा जितनी उसकी औकात थी..!!

पिछले बरस था खौफ की तुझको खो ना दूँ कही,अब के बरस ये दुआ है की तेरा सामना ना हो ..!!

मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में ..हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है…!

रेत पर नाम कभी लिखते नहीं,रेत पर नाम कभी टिकते नहीं,लोग कहते है, हम पत्थर दिल हैं,लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं

अच्छे होते हैं बुरे लोगजो अच्छा होने का नाटक तो नहीं करते  ..!!

दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी हैजब से अपनों को अजमाते चले गए

सीढ़ियाँ उन्हे मुबाराक जिन्हें छत पर जाना होमेरी मंज़िल तो आसमाँ है...मुझे रास्ता खुद बनाना है

मोहबत है इसलिए जाने दियाज़िद होती तो बाहों में ले लेते

उसकी धाक एक दो पर नहीं, सैंकड़ो पर थीऔर गिनती भी उसकी शहर के बड़ों बड़ों में थीद्फ़न केवल छः फ़ीट के गडडे में कर दिया उसको..कि ज़मीन उसके नाम तो कई एकड़ों में थी

साला मै कब का #यमनगरी जाने को बेचैन हूलेकिन #यमराज कहते हैतू आने के लिये नही..ने के लिये पैदा हुआ है..

महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है

अकड़ती जा रही हैं हर रोज गर्दन की नसें, आज तक नहीं आया हुनर सर झुकाने का

Attitude तो बचपन से है, जब पैदा हुआ तो डेढ़ साल मैंने किसीसे बात नही की ..!!

वो लाख तुझे पूजती होगी मगर तू खुश हो खुदा..वो मंदिर भी जाती है तो मेरी गली से गुजरने के लिए..!!

भीङ में खङा होना मकसद नहीं हैं मेरा ,बलकि भीङ जिसके लिए खडी है वो बनना है मुझे

वो आईना देख मुस्कुरा के बोलीबेमौत मरेगा मुझ पर मरने वाला

खरीद लेंगे सबकी सारी उदासियाँ दोस्तों ! सिक्के हमारे मिजाज़ के, चलेंगे जिस रोज !

दिमाग कहता है मारा जायेगा लेकिन दिल कहता है देखा जाएगा ..!!

हर किसी को मैं खुश रख सकूं वो सलीका मुझे नहीं आताजो मैं नहीं हूँ, वो दिखने का तरीका मुझे नहीं आता

हारने वालो का भी अपना रुतबा होता हैं मलाल वो करे जो दौड़ में शामिल नही थे
मेरी आँखों के जादु से अभी तुम कहा वाकिफ हो , हम उसे भी जीना सिखा देते हे जिसे मरने का शौक हो ..!!
इन्कार है जिन्हे आज मुझसे मेरा वक्त देखकर,मै खूद को इतना काबील बनाउंगा वो मिलेंगे मूझसे वक्त लेकर ..!!

सुधरी हे तो बस मेरी आदतेवरना मेरे शौक.. वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं…!!

हुकुमत वो ही करता हे जिसका दिलो पर राज होता हे !!!! वरना यू तो गली के मुर्गो के सिरो पे भी ताज होता हे …!!

जीत हासिल करनी हो तो काबिलियत बढाओकिस्मत की रोटी तो कुत्तों को भी नसीब हो जाती है ..!!

हमारे जीने का तरीका थोड़ा अलग है,हम उमीद पर नहीं अपनी जिद पर जीते है ..!!

दूसरों के प्रति हमारा व्यवहार ये निश्चित करता हैं की हमारे प्रति उनका व्यवहार कैसा होगा ..!!

हम वहीँ है जो दूसरों को दर्शाते हैं. इसलिए हमें इसमें सावधानी बरतनी चाहिए ..!!

सूखे होंटों पे ही होती हैं मीठी बातें प्यास जब बुझ जाये तो लहजे बदल जाते हैं...!!

गूलाम हूं अपने घर के संस्कारों का .. वरना मै भी लोगों को उनकी औकात दिखाने का हूनर रखता हुं ..!!

रोज स्टेटस बदलने से जिंन्दगी नहीं बदलती,जिंदगी को बदलने के लिये एक स्टेटस काफी है  ..!!

रियासते तो आती जाती रहती हे,मगर बादशाही करना तो..आज भी लोग हमसे सीखते हे ..!!

मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा हुआ वो ओरो का क्या होगा

जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं,मै खुद को नही देखता औरो की नजर से. !!

शहर भर मेँ एक ही पहचान है हमारी’….सुर्ख आँखे,गुस्सैल चेहरा और नवाबी अदायेँ ..!!

उसकी धाक एक दो पर नहीं, सैंकड़ो पर थीऔर गिनती भी उसकी शहर के बड़ों बड़ों में थीद्फ़न केवल छः फ़ीट के गडडे में कर दिया उसकोजबकि ज़मीन उसके नाम तो कई एकड़ों में थी

साला मै कब का यमनगरी जाने को बेचैन हूलेकिन यमराज कहते हैतू आने के लिये नहीभेजने के लिये पैदा हुआ है

महानता कभी ना गिरने में नहीं है,बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है

दुनिया में आपकी कला से भी ज्यादा चीजों के प्रति आपका नजरिया जरुरी होता हैं

गन्दगी में तो हम सभी हैं, पर कुछ ऐसे भी हैं जो केवल सितारों को ही देखते हैं

आदत नई हमे पीठ पीछे वार करने की !!दो शब्द काम बोलते है पर सामने बोलते है !!

लहरों का सुकून तो सभी को पसंद है, लेकिन तुफानो में कश्ती निकालने का मजा ही कुछ और है

अगर तुम समझ पाते मेरी चाहत की इन्तहा…..तो हम तुमसे नही…. तुम हमसे मोहब्बत करते

माना की तू चाँद जेसी हैं.. तुझे ‪‎देखने को लोग तरसते हैंमगर हम भी सूरज जैसे हैं… ‪लोग हमे देखकर अपना ‪‎सर झुकाते हैं।।

क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे ..!!

अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर उंगलिया,जिनकी हमें छूने की औकात नहीं होती

क्या ओकात है तेरी जिन्दगीचार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है

हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं,समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!

नाम इसलिए उँचा हैं..हमाराक्योंकिहम बदला लेने की नही ,’बदलाव लाने, की सोच रखते हैं

मशवरा तो खूब देते हो कि खुश रहा करोकभी खुश रहने की वजाह भी दे दिया करो…!

मेरे लफ्जों से कर मेरे ‪‎किरदार का फैसला,… तेरा वजूद ‪‎मिट जाएगा मेरी हकिकत ढूंढते ढूंढते!

जैसा दोगे वैसा ही पाओगे..फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!

अगर फुर्सत के लम्हों मे तुम मुझे याद करते हो तो अब मत करना.. क्योकि मे तन्हा जरूर हुँ, मगर फिजूल बिल्कुल नही

हम तो बेज़ान चीज़ों से भी वफ़ा करते हैं, तुझमे तो फिर भी मेरी जान बसी है

ईतनी बार तो doctor ने भी मेरा [B.P]चेक नहीं किया होगा….जितना तूँ मेरी DP चेक करती है

लोगो से कह दो हमारी तकदीर से जलना छोड़ देहम घर से दवा नही माँ की दुआलेकर निकलते है

हम भी दरिया है, हमे अपना हुनर मालूम हेजिस तरफ भी चल पडेंगे, रास्ता हो जायेगा

तू किसी और के Naseeb मे है या बनेगी Naseeb मेरा, मुझको तो बस sirf इतना पता है ,मै हूँ Hero तेरा….

पता नहीं कैसे पत्थर की मूर्ति के लिए जगह बना लेते हैं घर में वो लोग जिनके घर माता पिता के लिए स्थान नहीं होता ..!!

बुरे वक़त में ही सबके असली रंग दिखते हैं दिन के उजाले में तो पानी भी चांदी लगता है ..!!

मैं किसी सेबेहतर करुंक्या फर्क पड़ता है...!मै किसी काबेहतर करूंबहुत फर्क पड़ता है..!!

वकत से लड़ कर जो अपना नसीब बद्ल ले..इन्सान वोही जीतता है जो अपनी तकदीर बदल ले..कल क्या होगा ये कभी मत सोचो..क्या पता कल वक्त ही अपनी तस्वीर बदल ले….

मुझे तलाश है जो मेरी रुह से प्यार करे..वरना इन्सान तो पैसों से भी मिल जाया करते हैं….

कुछ यूँ होगा बादशाहतका नज़राना हमारी कि पूरा शहर आएगा बंद आखें देखनी हमारी ..!!

नफरत के बाज़ार में जीने का अलग ही मज़ा है, लोग रुलाना नहीं छोड़ते हम हसना नहीं छोड़ते

जो व्यस्त थे वो व्यस्त ही निकले, वक्त पर फ़ालतू लोग ही काम आये

देख पगली दिल मेँ प्यार होना चाहिएधक-धक तो Royal Enfield भी करता है

वफादार और तुम.? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम.? इल्जाम भी अच्छा है.!!

शब्द ही ऐसी चीज़ है जिसकी वजह से इंसान या तो दिल में उतर जाता है या दिल से उतर जाता है

मुस्कराना हर किसी के बस की बात नहीं हैमुस्करा वो ही सकता है जो दिल का अमीर हो

अगर आपकी वजह से किसी की ज़िन्दगी में कोई तकलीफ़ आए तो उसकी ज़िन्दगी से ऐसे निकल जाना चाहिए जैसे कभी उसकी ज़िन्दगी में आए ही नहीं

अब मैं कुछ नहीं हूँ मैंने माना कल को मशहूर हो जाऊ तो कोई रिश्ता मत निकाल लेना

प्यार आज भी तुझसे इतना ही है .… बस तुझे एहसास नही और हमने जताना ही छोड़ दिया ..!!

मेरे बर्दाश्त करने का अंदाजा तू क्या लगायेगी..तेरी उम्र से कहीं ज्यादा..मेरे जिस्म पर जख्मो के निशाँ हैं

रिश्ते निभाना हर किसी के बस की बात नही.. अपना दिल दुखाना पड़ता है किसी और की खुशी के लिये

मेरी ख़ामोशी से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता…... और शिकायत में दो लफ्ज़ कह दूँ तो वो चुभ जातें हैं

इतने अमीर तो नहीं कि सब कुछ खरीद लें….पर इतने गरीब भी नहीं हुए कि खुद बिक जाएँ

भले ही अपने ख़ास दोस्त कम हैं….पर जितने भी है nuclear bomb हैं

मेरी फितरत में नहीं अपना गम बयां करना ,अगर तेरे वजूद का हिस्सा हूँ तो महसूस कर तकलीफ मेरी….

चेहरे अजनबीहो जाये तो कोई बात नही,लेकिन रवैये अजनबीहो जाये तो बडी तकलीफदेते हैं !

तीन ही उसूल हैं मेरी जिन्दगी के आवेदन,निवेदन और फिर ना माने तो दे दना दन  !!

ज़िन्दगी से आप जो भी बेहतर से बेहतर ले सकते हो ले लो क्यूंकि जब ज़िन्दगी लेने पर आती है तो साँसे तक भी ले जाती है ..!!

हमारा सलाहकार कौन है ये बहुत ही महत्वपूर्ण है क्यूंकि दुर्योधन शकुनी से सलाह लेता था और पाण्डव श्रीकृष्ण से ..!!

क्यों हम भरोसा करें गैरों पर …!! जबकि हमें चलना है अपने ही पैरों पर….

मेरी गलतियां मुझसे कहो, दूसरो से नहींक्योंकि सुधरना मुझे है उनको नहीं….

हजारों ना-मुकम्मल हसरतों के बोझ तले दिल तेरी हिम्मत है, जो तू धङकता है…..

वाकिफ़ तो रावण भी था, अपने अंजाम से.. मगर ज़िद्द थी उसकी, अपने अंदाज़ में जीने की…..

चाहे कितना ही डाईटिंग कर लो, जब तक भाव खाना बंद नहीं करोगी, वजन कम नहीं होगा…..

ज़िन्दगी से आप जो भी बेहतर से बेहतर ले सकते हो ले लो क्यूंकि जब ज़िन्दगी लेने पर आती है तो साँसे तक भी ले जाती है ..!!

क्यों हम भरोसा करें गैरों पर …!! जबकि हमें चलना है अपने ही पैरों पर……

मेरी गलतियां मुझसे कहो, दूसरो से नही,क्योंकि सुधरना मुझे है उनको नहीं

हजारों ना-मुकम्मल हसरतों के बोझ तले दिल तेरी हिम्मत है, जो तू धङकता है….

वाकिफ़ तो रावण भी था, अपने अंजाम से.. मगर ज़िद्द थी उसकी, अपने अंदाज़ में जीने की…..

चाहे कितना ही डाईटिंग कर लो, जब तक भाव खाना बंद नहीं करोगी, वजन कम नहीं होगा…..

हम दुश्मनों को भी बड़ी शानदार सज़ा देते हैंहाथ नहीं उठाते बस नज़रों से गिरा देते हैं…..

अक्कल बादाम खाने से नही….ठोकर खाने से आती है

dp छोड़, स्टेटस छोड़, लास्ट सीन देख़ छुट्टी पर जा रहा हूँ…. दिल टूटा है सम्भलने में कुछ वक़्त तो लगेगा…..

इतना भी attitude मत दिखा पगले जैसे रोज़ स्टेटस चेंज करती हूँ ना किसी दिन तुझे भी change कर दूँगी ..!!

Oye तू तेरे ATTITUDE की फोटो खींच कर OLX पे बेच दे, क्योंकि पुरानी चीज हमें पसंद नहीं…..

छोड दिया है मैंने उनसे बात करना जो समझते थे कि मै मतलब से मिलता हूँ ..!!

दर्द की भी अपनी एक अदा है ये तो सहने वालों पर ही फ़िदा है

प्यार के दो मीठे बोल से खरीद लो मुझे, दौलत की सोचोगे तो पूरी दुनिया बेचनी पड़ेगी तुम्हे

बेशक तू बदल ले अपने आपको लेकिन ये याद रखनातेरे हर झूठ को सच मेरे सिवा कोई नही समझ सकता…!

हम उन लडको मे से नही जो कनपटी पे बंदूक रखकर I LOVE U बुलवाते, हमारे तो Status पढते ही लडकियाँ msg में लिखती है I LOVE YOU!!!

लोग फ्री का wi -fi नहीं छोड़ते और पगली तूने इतना प्यार करने वाला लड़का छोड़ दिया ..!!

दीदार की तलब हो तो नजरें जमाये रखना .. क्यों कि नकाबहो या नसीबसरकता जरूर है…..

खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है…..

रुकावटे तो ज़िन्दा इन्सान के लिए हैं…..मय्यत के लिए तो सब रास्ता छोड़ देते है…..

इंसान सिर्फ आग से नहीं जलता, कुछ लोग तो हमारे अंदाज से जल जाते है

तुझे तो मोहब्बत भी तेरी औकात से ज्यादा की थीअब तो नफरत की बात है सोच ले तेरा क्या होगा…..

उन्होंने तो हमें धक्का दिया था डुबाने के इरादे सेअंजाम ये निकला हम तैराक बन गए

खुदा मोहूबत भी तूने अजीब चीज बनाए है,तेरे ही बन्दे तेरी मस्जिद में तेरे ही सामने रोते है, लेकिन तुजे नहीं किसी और को पाने के लिये

फैसला हो जो भी, मंजूर होना चाहिए जंग हो या इश्क, भरपूर होना चाहिए …..

सोचते है सीख ले हम भी बेरुखी करना सब से , सब को महोब्बत देते देते हमने अपनी क़दर खो दी है ..!!

अगर नींद जाये तो सो भी लिया करो…. रातों को जगने से मोहब्बत लोटा नहीं करती ..!!

तू वो ज़ालिम है जो दिल में रह कर भी मेरा बन सकाऔर दिल वो काफिर जो मुझमे रह कर भी तेरा हो गया…..

तुझ से नहीं तेरे वक़्त से नाराज हूँ जो कभी तुझे मेरे लिए नहीं मिला ..!!

भले नाम बड़ा नही है हमारा,लेकिन फिर भी आजतक हमने कभी काम छोटे नही किये ..!!

साला स्मार्ट होने का बडा़ प्रॉब्लेम है लड़कियाँ देखते ही ये सोचती हैं इसकी तो पहले से 10-15 गर्लफ्रेंड होंगी…..

अमीर तो हम भी बहुत थे, पर दॊलत सिर्फ दिल की थी खर्च भी बहुत किया दोस्त, पर दुनिया मे गिनती सिर्फ नोटों की हुई…..

वास्ता नही रखना .. तो फिर मुझपे .. नजर क्यूं रखती है मैं किस हाल में जिंदा हूँ तू ये सब खबर क्यूं रखती है ……

बहुत देखा है ज़िन्दगी में समझदार बनकर पर  ख़ुशी हमेशा पागल बनकर ही मिली है

दो चार लफ्ज प्यार के लेके मैं क्या करू…”देनी है तो…” वफ़ा की मुकम्मल किताब दे ..!!

क्रोध आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नहीं लगती बल्कि शांत होकर चुप रहने में लगती है

ये तो अच्छा है कि दिलसिर्फ सुनता हैअगर कहीं बोलता होता तो क़यामत जाती।।

मेरे बाद किसी और को हमसफ़र बनाकर देख लेना तेरी ही धड़कन कहेगी कि उसकी वफ़ा में कुछ ओर ही बात थी

लोग आपकी मजबूरी समझते हैं तभी तो उसका फायदा उठाते हैं….

दुनिया की सबसे बड़ी ग़लतफहमी : जब नसीब चलता है तो लोगों को गुमान हो जाता है कि उनका दिमाग चल रहा है……

साँप घर पर जाए तो लोग डंडे मारते हैं और शिवलिंग पर दिखाई दे तो हाथ जोड़ते हैं लोग सम्मान आपका नहीं आपके स्थान और स्थिति का करते हैं…..

शख्सियत अच्छी होगी तभी दुश्मन बनेंगे,वरना बुरे की तरफ देखता कौन है..!!

दुनिया का सबसे कठिन शब्द वाह  … जब आप किसी के लिए इन्हे बोलते है तब आप अपने अहंकार को तोड़ते है !

बिखरा वज़ूद, टूटे ख़्वाब, सुलगती तन्हाईयाँ…. कितने हसींन तोहफे दे जाती है ये अधूरी मोहब्बत

जरूरी तो बहुत है ईश्क जिन्दगी मे मगर ये जानलेवा जरूरत भगवान किसी को दें…..

हजारों चेहरों में उसकी झलक मिली मुझको परदिल भी जिद पे अड़ा था कि अगर वो नहीं ,तो उसके जैसा भी नहीं…..

जिसे आज मुजमे हजार एब नजर आते हे,कभी वही लोग हमारी गलती पे भी ताली बजाते थे !!

दुनियादारी की चादर ओढ़ी है…..पर जिस दिन दिमाग सटका ना,इतिहास तो इतिहास भूगोल भी बदल देंगे

मेरी हिम्मत को परखने की गुस्ताखी करना,पहले भी कई तूफानों का रुख मोड़ चुका हूँ ..!!

सजा देनी हमे भी आती है बेखबर, पर तू तकलीफ से गुज़रे, ये हमे मंजूर नहीं ..!!

तू सचमुच जुड़ा है अगर मेरी जिंदगी के साथ.. तो क़ुबूल कर मुझे,मेरी हर कमी के साथ……

हर गुनाह कबूल हैं हमें, बस सजा देने वाला बेगुनाहहो……

दुनिया आपकी उदहारण से बदलेगी आपकी राय से नहीं ..!!

रुतबा तो खामोशियों का होता है … ” अलफ़ाज़ तो बदल जाते है लोगों को देखकर……

हम समंदर हैं, हमें खामोश ही रहने दो…. ज़रा मचल गये, तो शहर ले डूबेंगे……

लड़का अगर चाहे तो अपनी मोहबत को पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है …. लड़का अगर चाहे तो ……

मतलबी दुनिया के लोग खड़े है हाथों में पत्थर लेकर मैं कहाँ तक भागूँशीशे का मुकद्दर लेकर ..!!

मुलाकात जरुरी हैं,अगर रिश्ते निभाने हो, वरना लगा कर भूल जाने से पौधे भी सूख जाते हैं……

या तो खरीद लो या खारिज़ कर दो ….. दोस्तों!!! ….. यूँ किराए पर मत लिया करो मुझे…….

जब से मुझे पता चला है कि मेरा आत्मविश्वास मेरे साथ है ! तबसे मैने ये सोचना बंद कर दिया कि कौन मेरे खिलाफ है !

अगर परछाइयाँ कद से और बातें औकात से बड़ी होने लग जाए तो समझ लीजिए सूरज ढलने ही वाला है…..

दुश्मन हो कितने भी पापी ◎◎उसके लिए सिर्फ हम अकेले ही काफी….

तेवर तो हम वक्त आने पे दिखायेंगे शहर तुम खरीदलो उस पर हुकुमत हम चलायेंगे…!!

वो पूरी life अपनी image बनाने में रह गएऔर हम पूरी gallary बना गए …..

यू हमारी गैर हाजरी में आहे भरा करो WhatsApp बनाया गया है मैसेज भेजने के लिए सिर्फ Last Seen देखा करो ..!!

खोए हुए हम खुद हैं, और ढूंढते भगवान को हैं…..

शान से जीने का ‪‎शौंक है , वो तो हम ‪‎जियेंगे बस तूँ अपने आप को ‪‎संभाल हम तो यूहीँ चमकते रहेंगे ..!!

एक हार से कोई फ़क़ीर और एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता

परेशान ना हुआ करो लोगों की बातों से कुछ लोग पैदा ही बकवास करने के लिए हुए होते हैं

प्यार से बात करोगे तो प्यार ही पाओगे , अगर अकड़ के बात की तो मेरी block list में नज़र आओगे

जब चलना नहीं आता था तो लोग गिरने नहीं देते थे, जब से संभाला है खुद को लोग पैर -पैर पर गिराने की कोशिश करते हैं

रेस वो लोग लगाते है जिसे अपनी किस्मत आजमानी होहम तो वो खिलाडी है जो अपनी किस्मत के साथ खेलते है

मैंने कब कहा कीमत समझो तुम मेरी, हमें बिकना ही होता तो यूँ तन्हा ना होते !!







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सादगी में झुक क्या गए , तुमने तो हमे गिरा हुआ ही समझ लिया!अपनी हैसियत ऐसी की लोग देखके अपनी औकात भूल जाये ….और अपनी शख्सियत ऐसी की लोग देखके खुद को भूल जाये!ना मैं गिरा और ना मेरी उम्मीदों की मीनारें गिरी … पर मुझे गिराने में कई लोग बार – बार गिरे….पढ़ते क्या हो आंखों में मेरी कहानी? … Attitude  में रहना तो आदत है मेरी पुरानीइन्कार है जिन्हे आज मुझसे मेरा वक्त देखकर,मै खूद को इतना काबील बनाउंगा वो मिलेंगे मूझसे वक्त लेकर!सुधरी हे तो बस मेरी आदते… वरना मेरे शौक.. वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं…!!हुकुमत वो ही करता हे जिसका दिलो पर राज होता हे !!!! वरना यू तो गली के मुर्गो के सिरो पे भी ताज होता हे …!!अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो तरीके बदलो, ईरादे नही…हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं !समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!नाम इसलिए उँचा हैं..हमारा… क्योंकि……हम ‘बदला लेने की नही ,’बदलाव लाने, की सोच रखते हैं…जीत हासिल करनी हो तो काबिलियत बढाओ । किस्मत की रोटी तो कुत्तों को भी नसीब हो जाती है…हमारे जीने का तरीका थोड़ा अलग है,हम उमीद पर नहीं अपनी जिद पर जीते है!आदत नई हमे पीठ पीछे वार करने की !!दो शब्द काम बोलते है पर सामने बोलते है!पाना है मुक्काम ओ मुक्काम अभी बाकी है अभी तो जमीन पै आये है असमान की उडान बाकी है!अकड़ती जा रही हैं हर रोज गर्दन की नसें, आज तक नहीं आया हुनर सर झुकाने का …Attitude तो बचपन से है, जब पैदा हुआ तो डेढ़ साल मैंने किसीसे बात नही की।वो लाख तुझे पूजती होगी मगर तू खुश न हो ऐ खुदा.. वो मंदिर भी जाती है तो मेरी गली से गुजरने के लिए…!भीङ में खङा होना मकसद नहीं हैं मेरा ,बलकि भीङ जिसके लिए खडी है वो बनना है मुझे!...वो आईना देख मुस्कुरा के बोली… बेमौत मरेगा मुझ पर मरने वाला…खरीद लेंगे सबकी सारी उदासियाँ दोस्तों ! सिक्के हमारे मिजाज़ के, चलेंगे जिस रोज !प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा !हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें , खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें  !मिल सके आसानी से , उसकी ख्वाहिश किसे है? ज़िद तो उसकी है … जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं….मेरे मिज़ाज को समझने के लिए, बस इतना ही काफी है, मैं उसका हरगिज़ नहीं होता….. जो हर एक का हो जाये ।लहरों का सुकून तो सभी को पसंद है, लेकिन तुफानो में कश्ती निकालने का मजा ही कुछ और है ।क्या ओकात है तेरी ए जिन्दगी …चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है…आसमान में उड़ने वाले जरा ये खबर भी रख….!! जन्नत पहुँचने का रास्ता मिट्टी से ही गुजरता है.!पिछले बरस था खौफ की तुझको खो ना दूँ कही,अब के बरस ये दुआ है की तेरा सामना ना हो ।मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में ..हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है ।रेत पर नाम कभी लिखते नहीं,रेत पर नाम कभी टिकते नहीं,लोग कहते है कि हम पत्थर दिल हैं,लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं।हम तो बेज़ान चीज़ों से भी वफ़ा करते हैं,तुझमे तो फिर भी मेरी जान बसी है ।लोगो से कह दो हमारी तकदीर से जलना छोड़ दे। हम घर से दवा नही ‘माँ की दुआ’ लेकर निकलते है ।हम भी दरिया है, हमे अपना हुनर मालूम हे। जिस तरफ भी चल पडेंगे, रास्ता हो जायेगा  ।शहर भर मेँ एक ही पहचान है ‘हमारी’….सुर्ख आँखे,गुस्सैल चेहरा और ”नवाबी अदायेँ’ ।इरादे सब मेरे साफ़ होते हैं…….इसीलिए, लोग अक्सर मेरे ख़िलाफ़ होते हैँ…!हर किसी को मैं खुश रख सकूं वो सलीका मुझे नहीं आता… मैं नहीं हूँ, वो दिखने का तरीका मुझे नहीं आता ।हारने वालो का भी अपना रुतबा होता हैं …मलाल वो करे जो दौड़ में शामिल नही थे…मेरी आँखों के जादु से अभी तुम कहा वाकिफ हो, हम उसे भी जीना सिखा देते हे जिसे मरने का शौक हो ।दुनिया में आपकी कला से भी ज्यादा चीजों के प्रति आपका नजरिया जरुरी होता हैं ।गन्दगी में तो हम सभी हैं, पर कुछ ऐसे भी हैं जो केवल सितारों को ही देखते हैंदूसरों के प्रति हमारा व्यवहार ये निश्चित करता हैं की हमारे प्रति उनका व्यवहार कैसा होगा !हम वहीँ है जो दूसरों को दर्शाते हैं. इसलिए हमें इसमें सावधानी बरतनी चाहिए ।“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है…।सूखे होंटों पे ही होती हैं मीठी बातें प्यास जब बुझ जाये तो लहजे बदल जाते हैं….गूलाम हूं अपने घर के संस्कारों का .. वरना मै भी लोगों को उनकी औकात दिखाने का हूनर रखता हुं ..!!रोज स्टेटस बदलने से जिंन्दगी नहीं बदलती,जिंदगी को बदलने के लिये एक स्टेटस काफी है...!!रियासते तो आती जाती रहती हे,मगर बादशाही करना तो..आज भी लोग हमसे सीखते हे ..!!मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा ..!!किसी ने विश्वास तोडा किसी ने दिल.. और लोगों को लगता है कि..बदल गये हम ..!!जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं,मै खुद को नही देखता औरो की नजर से...!!क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे ..!!!अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर उंगलिया, जिनकी हमें छूने की औकात नहीं होती ..!!हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें , खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें ..!!मिल सके आसानी से , उसकी ख्वाहिश किसे है? ज़िद तो उसकी है … जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं….मेरे मिज़ाज को समझने के लिए, बस इतना ही काफी है, मैं उसका हरगिज़ नहीं होता….. जो हर एक का हो जाये ..!आसमान में उड़ने वाले जरा ये खबर भी रख….!! जन्नत पहुँचने का रास्ता मिट्टी से ही गुजरता है….!मैं क्यूँ कुछ सोच कर दिल छोटा करूँ…वो उतनी ही कर सकी वफ़ा जितनी उसकी औकात थी..!!पिछले बरस था खौफ की तुझको खो ना दूँ कही,अब के बरस ये दुआ है की तेरा सामना ना हो ..!!मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में ..हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है…!रेत पर नाम कभी लिखते नहीं,रेत पर नाम कभी टिकते नहीं,लोग कहते है, हम पत्थर दिल हैं,लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं।अच्छे होते हैं बुरे लोग…जो अच्छा होने का नाटक तो नहीं करते  ..!!दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है…जब से अपनों को अजमाते चले गए॥सीढ़ियाँ उन्हे मुबाराक जिन्हें छत पर जाना हो…मेरी मंज़िल तो आसमाँ है...मुझे रास्ता खुद बनाना है॥मोहबत है इसलिए जाने दिया…ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।उसकी धाक एक दो पर नहीं, सैंकड़ो पर थी…और गिनती भी उसकी शहर के बड़ों बड़ों में थी…द्फ़न केवल छः फ़ीट के गडडे में कर दिया उसको..कि ज़मीन उसके नाम तो कई एकड़ों में थी॥“साला मै कब का ‪#‎यमनगरी जाने को बेचैन हू…लेकिन ‪#‎यमराज कहते है…तू आने के लिये नही..ने के लिये पैदा हुआ है..महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।अकड़ती जा रही हैं हर रोज गर्दन की नसें, आज तक नहीं आया हुनर सर झुकाने का…Attitude तो बचपन से है, जब पैदा हुआ तो डेढ़ साल मैंने किसीसे बात नही की ..!!वो लाख तुझे पूजती होगी मगर तू खुश न हो ऐ खुदा..वो मंदिर भी जाती है तो मेरी गली से गुजरने के लिए..!!भीङ में खङा होना मकसद नहीं हैं मेरा ,बलकि भीङ जिसके लिए खडी है वो बनना है मुझे ॥वो आईना देख मुस्कुरा के बोली… बेमौत मरेगा मुझ पर मरने वाला…खरीद लेंगे सबकी सारी उदासियाँ दोस्तों ! सिक्के हमारे मिजाज़ के, चलेंगे जिस रोज !दिमाग कहता है मारा जायेगा लेकिन दिल कहता है देखा जाएगा ..!!हर किसी को मैं खुश रख सकूं वो सलीका मुझे नहीं आता…जो मैं नहीं हूँ, वो दिखने का तरीका मुझे नहीं आता ।हारने वालो का भी अपना रुतबा होता हैं …मलाल वो करे जो दौड़ में शामिल नही थे…मेरी आँखों के जादु से अभी तुम कहा वाकिफ हो , हम उसे भी जीना सिखा देते हे जिसे मरने का शौक हो ..!!इन्कार है जिन्हे आज मुझसे मेरा वक्त देखकर,मै खूद को इतना काबील बनाउंगा वो मिलेंगे मूझसे वक्त लेकर ..!!सुधरी हे तो बस मेरी आदते… वरना मेरे शौक.. वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं…!!हुकुमत वो ही करता हे जिसका दिलो पर राज होता हे !!!! वरना यू तो गली के मुर्गो के सिरो पे भी ताज होता हे …!!जीत हासिल करनी हो तो काबिलियत बढाओ । किस्मत की रोटी तो कुत्तों को भी नसीब हो जाती है ..!!हमारे जीने का तरीका थोड़ा अलग है,हम उमीद पर नहीं अपनी जिद पर जीते है ..!!दूसरों के प्रति हमारा व्यवहार ये निश्चित करता हैं की हमारे प्रति उनका व्यवहार कैसा होगा ..!!हम वहीँ है जो दूसरों को दर्शाते हैं. इसलिए हमें इसमें सावधानी बरतनी चाहिए ..!!सूखे होंटों पे ही होती हैं मीठी बातें प्यास जब बुझ जाये तो लहजे बदल जाते हैं...!!गूलाम हूं अपने घर के संस्कारों का .. वरना मै भी लोगों को उनकी औकात दिखाने का हूनर रखता हुं ..!!रोज स्टेटस बदलने से जिंन्दगी नहीं बदलती,जिंदगी को बदलने के लिये एक स्टेटस काफी है  ..!!रियासते तो आती जाती रहती हे,मगर बादशाही करना तो..आज भी लोग हमसे सीखते हे ..!!मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा।जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं,मै खुद को नही देखता औरो की नजर से. !!शहर भर मेँ एक ही पहचान है ‘हमारी’….सुर्ख आँखे,गुस्सैल चेहरा और ”नवाबी अदायेँ’ ..!!उसकी धाक एक दो पर नहीं, सैंकड़ो पर थी…और गिनती भी उसकी शहर के बड़ों बड़ों में थी…द्फ़न केवल छः फ़ीट के गडडे में कर दिया उसको…जबकि ज़मीन उसके नाम तो कई एकड़ों में थी॥“साला मै कब का ‪यमनगरी जाने को बेचैन हू…लेकिन ‪यमराज कहते है…तू आने के लिये नही…भेजने के लिये पैदा हुआ है…महानता कभी ना गिरने में नहीं है,बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।दुनिया में आपकी कला से भी ज्यादा चीजों के प्रति आपका नजरिया जरुरी होता हैं।गन्दगी में तो हम सभी हैं, पर कुछ ऐसे भी हैं जो केवल सितारों को ही देखते हैं।आदत नई हमे पीठ पीछे वार करने की !!दो शब्द काम बोलते है पर सामने बोलते है !!लहरों का सुकून तो सभी को पसंद है, लेकिन तुफानो में कश्ती निकालने का मजा ही कुछ और हैअगर तुम समझ पाते मेरी चाहत की इन्तहा…..तो हम तुमसे नही…. तुम हमसे मोहब्बत करतेमाना की तू‪ ‎चाँद जेसी हैं.. तुझे ‪‎देखने को लोग ‪तरसते हैं…मगर हम भी ‪सूरज जैसे हैं… ‪लोग हमे‪ देखकर अपना ‪‎सर ‪झुकाते हैं।।क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे ..!!अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर उंगलिया,जिनकी हमें छूने की औकात नहीं होती।क्या ओकात है तेरी ए जिन्दगी…चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है…हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं,समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!नाम इसलिए उँचा हैं..हमारा… क्योंकि…हम ‘बदला लेने की नही ,’बदलाव लाने, की सोच रखते हैं…मशवरा तो खूब देते हो कि खुश रहा करो…कभी खुश रहने की वजाह भी दे दिया करो…!मेरे ‪लफ्जों से ‪न कर मेरे ‪‎किरदार का फैसला,… तेरा वजूद ‪‎मिट जाएगा मेरी ‪हकिकत ढूंढते ढूंढते!जैसा दोगे वैसा ही पाओगे..फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!अगर फुर्सत के लम्हों मे तुम मुझे याद करते हो तो अब मत करना.. क्योकि मे तन्हा जरूर हुँ, मगर फिजूल बिल्कुल नही…हम तो बेज़ान चीज़ों से भी वफ़ा करते हैं, तुझमे तो फिर भी मेरी जान बसी है।ईतनी बार तो‪ doctor ने भी मेरा [B.P]चेक नहीं किया होगा….जितना तूँ मेरी DP चेक करती हैलोगो से कह दो हमारी तकदीर से जलना छोड़ दे।हम घर से दवा नही ‘माँ की दुआ’ लेकर निकलते है।हम भी दरिया है, हमे अपना हुनर मालूम हे।जिस तरफ भी चल पडेंगे, रास्ता हो जायेगा।तू किसी और के Naseeb मे है या बनेगी Naseeb मेरा, मुझको तो बस sirf इतना पता है ,मै हूँ Hero तेरा….पता नहीं कैसे पत्थर की मूर्ति के लिए जगह बना लेते हैं घर में वो लोग जिनके घर माता पिता के लिए स्थान नहीं होता ..!!बुरे वक़त में ही सबके असली रंग दिखते हैं दिन के उजाले में तो पानी भी चांदी लगता है ..!!मैं “किसी से” बेहतर करुं…क्या फर्क पड़ता है...!मै “किसी का” बेहतर करूं…बहुत फर्क पड़ता है..!!वकत से लड़ कर जो अपना नसीब बद्ल ले..इन्सान वोही जीतता है जो अपनी तकदीर बदल ले..कल क्या होगा ये कभी मत सोचो..क्या पता कल वक्त ही अपनी तस्वीर बदल ले….मुझे तलाश है जो मेरी रुह से प्यार करे..वरना इन्सान तो पैसों से भी मिल जाया करते हैं….कुछ यूँ होगा “बादशाहत” का नज़राना हमारी कि पूरा शहर आएगा बंद “आखें ” देखनी हमारी ..!!नफरत के बाज़ार में जीने का अलग ही मज़ा है, लोग रुलाना नहीं छोड़ते हम हसना नहीं छोड़ते।जो व्यस्त थे वो व्यस्त ही निकले, वक्त पर फ़ालतू लोग ही काम आये।देख पगली दिल मेँ प्यार होना चाहिए… धक-धक तो Royal Enfield भी करता हैवफादार और तुम.? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम.? इल्जाम भी अच्छा है.!!शब्द ही ऐसी चीज़ है जिसकी वजह से इंसान या तो दिल में उतर जाता है या दिल से उतर जाता है।मुस्कराना हर किसी के बस की बात नहीं है… मुस्करा वो ही सकता है जो दिल का अमीर हो।अगर आपकी वजह से किसी की ज़िन्दगी में कोई तकलीफ़ आए तो उसकी ज़िन्दगी से ऐसे निकल जाना चाहिए जैसे कभी उसकी ज़िन्दगी में आए ही नहीं।अब मैं कुछ नहीं हूँ मैंने माना … कल को मशहूर हो जाऊ तो कोई रिश्ता मत निकाल लेना।प्यार आज भी तुझसे इतना ही है .… बस तुझे एहसास नही और हमने जताना ही छोड़ दिया ..!!मेरे बर्दाश्त करने का अंदाजा तू क्या लगायेगी..तेरी उम्र से कहीं ज्यादा..मेरे जिस्म पर जख्मो के निशाँ हैं…रिश्ते निभाना हर किसी के बस की बात नही.. अपना दिल दुखाना पड़ता है किसी और की खुशी के लिये…मेरी ख़ामोशी से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता…... और शिकायत में दो लफ्ज़ कह दूँ तो वो चुभ जातें हैं।इतने अमीर तो नहीं कि सब कुछ खरीद लें….पर इतने गरीब भी नहीं हुए कि खुद बिक जाएँ।भले ही अपने ख़ास दोस्त कम हैं….पर जितने भी है nuclear bomb हैं।मेरी फितरत में नहीं अपना गम बयां करना ,अगर तेरे वजूद का हिस्सा हूँ तो महसूस कर तकलीफ मेरी….चेहरे “अजनबी” हो जाये तो कोई बात नही,लेकिन रवैये “अजनबी” हो जाये तो बडी “तकलीफ” देते हैं !“तीन ही उसूल हैं मेरी जिन्दगी के आवेदन,निवेदन और फिर ना माने तो दे दना दन  !!ज़िन्दगी से आप जो भी बेहतर से बेहतर ले सकते हो ले लो क्यूंकि जब ज़िन्दगी लेने पर आती है तो साँसे तक भी ले जाती है ..!!हमारा सलाहकार कौन है ये बहुत ही महत्वपूर्ण है क्यूंकि दुर्योधन शकुनी से सलाह लेता था और पाण्डव श्रीकृष्ण से ..!!क्यों हम भरोसा करें गैरों पर …!! जबकि हमें चलना है अपने ही पैरों पर….मेरी गलतियां मुझसे कहो, दूसरो से नहीं… क्योंकि सुधरना मुझे है उनको नहीं….हजारों ना-मुकम्मल हसरतों के बोझ तले… ऐ दिल तेरी हिम्मत है, जो तू धङकता है…..वाकिफ़ तो रावण भी था, अपने अंजाम से.. मगर ज़िद्द थी उसकी, अपने अंदाज़ में जीने की…..चाहे कितना ही डाईटिंग कर लो, जब तक भाव खाना बंद नहीं करोगी, वजन कम नहीं होगा…..ज़िन्दगी से आप जो भी बेहतर से बेहतर ले सकते हो ले लो क्यूंकि जब ज़िन्दगी लेने पर आती है तो साँसे तक भी ले जाती है ..!!क्यों हम भरोसा करें गैरों पर …!! जबकि हमें चलना है अपने ही पैरों पर……मेरी गलतियां मुझसे कहो, दूसरो से नही,क्योंकि सुधरना मुझे है उनको नहीं…हजारों ना-मुकम्मल हसरतों के बोझ तले… ऐ दिल तेरी हिम्मत है, जो तू धङकता है….वाकिफ़ तो रावण भी था, अपने अंजाम से.. मगर ज़िद्द थी उसकी, अपने अंदाज़ में जीने की…..चाहे कितना ही डाईटिंग कर लो, जब तक भाव खाना बंद नहीं करोगी, वजन कम नहीं होगा…..हम दुश्मनों को भी बड़ी शानदार सज़ा देते हैं… हाथ नहीं उठाते बस नज़रों से गिरा देते हैं…..अक्कल बादाम खाने से नही….ठोकर खाने से आती है।dp छोड़, स्टेटस छोड़, लास्ट सीन देख़ छुट्टी पर जा रहा हूँ…. दिल टूटा है सम्भलने में कुछ वक़्त तो लगेगा…..इतना भी attitude मत दिखा पगले … जैसे रोज़ स्टेटस चेंज करती हूँ ना किसी दिन तुझे भी change कर दूँगी ..!!Oye तू तेरे ATTITUDE की फोटो खींच कर OLX पे बेच दे, क्योंकि पुरानी चीज हमें पसंद नहीं…..छोड दिया है मैंने उनसे बात करना जो समझते थे कि मै मतलब से मिलता हूँ ..!!दर्द की भी अपनी एक अदा है… ये तो सहने वालों पर ही फ़िदा है।प्यार के दो मीठे बोल से खरीद लो मुझे, दौलत की सोचोगे तो पूरी दुनिया बेचनी पड़ेगी तुम्हे।बेशक तू बदल ले अपने आपको लेकिन ये याद रखना…तेरे हर झूठ को सच मेरे सिवा कोई नही समझ सकता…!हम उन लडको मे से नही जो कनपटी पे बंदूक रखकर I LOVE U बुलवाते, हमारे तो Status पढते ही लडकियाँ msg में लिखती है I LOVE YOU!!!लोग फ्री का wi -fi नहीं छोड़ते और पगली तूने इतना प्यार करने वाला लड़का छोड़ दिया ..!!दीदार की तलब हो तो नजरें जमाये रखना .. क्यों कि ‘नकाब’ हो या ‘नसीब’ सरकता जरूर है…..खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की … आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है…..रुकावटे तो ज़िन्दा इन्सान के लिए हैं…..मय्यत के लिए तो सब रास्ता छोड़ देते है…..इंसान सिर्फ आग से नहीं जलता, कुछ लोग तो हमारे अंदाज से जल जाते है…तुझे तो मोहब्बत भी तेरी औकात से ज्यादा की थी… अब तो नफरत की बात है सोच ले तेरा क्या होगा…..उन्होंने तो हमें धक्का दिया था डुबाने के इरादे से… अंजाम ये निकला हम तैराक बन गए।…ए खुदा मोहूबत भी तूने अजीब चीज बनाए है,तेरे ही बन्दे तेरी मस्जिद में तेरे ही सामने रोते है, लेकिन तुजे नहीं किसी और को पाने के लिये…फैसला हो जो भी, मंजूर होना चाहिए … जंग हो या इश्क, भरपूर होना चाहिए …..सोचते है सीख ले हम भी बेरुखी करना सब से , सब को महोब्बत देते देते हमने अपनी क़दर खो दी है ..!!अगर नींद आ जाये तो सो भी लिया करो…. रातों को जगने से मोहब्बत लोटा नहीं करती ..!!तू वो ज़ालिम है जो दिल में रह कर भी मेरा न बन सका… और दिल वो काफिर जो मुझमे रह कर भी तेरा हो गया…..तुझ से नहीं ‪तेरे वक़्त से नाराज हूँ … जो कभी तुझे ‪मेरे लिए नहीं मिला ..!!भले नाम बड़ा नही है हमारा,लेकिन फिर भी आजतक हमने कभी काम छोटे नही किये ..!!साला स्मार्ट होने का बडा़ प्रॉब्लेम है … लड़कियाँ देखते ही ये सोचती हैं … इसकी तो पहले से 10-15 गर्लफ्रेंड होंगी…..अमीर तो हम भी बहुत थे, पर दॊलत सिर्फ दिल की थी … खर्च भी बहुत किया ए दोस्त, पर दुनिया मे गिनती सिर्फ नोटों की हुई…..वास्ता नही रखना .. तो फिर मुझपे .. नजर क्यूं रखती है … मैं किस हाल में जिंदा हूँ … तू ये सब खबर क्यूं रखती है ……बहुत देखा है ज़िन्दगी में समझदार बनकर पर  ख़ुशी हमेशा पागल बनकर ही मिली है।दो चार लफ्ज प्यार के लेके मैं क्या करू…”देनी है तो…” वफ़ा की मुकम्मल किताब दे ..!!क्रोध आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नहीं लगती बल्कि शांत होकर चुप रहने में लगती है।ये तो अच्छा है कि “ दिल” सिर्फ सुनता है… अगर कहीं बोलता होता तो ” क़यामत ” आ जाती।।मेरे बाद किसी और को हमसफ़र बनाकर देख लेना …तेरी ही धड़कन कहेगी कि उसकी वफ़ा में कुछ ओर ही बात थी।लोग आपकी मजबूरी समझते हैं … तभी तो उसका फायदा उठाते हैं….दुनिया की सबसे बड़ी ग़लतफहमी : जब नसीब चलता है तो लोगों को गुमान हो जाता है कि उनका दिमाग चल रहा है……साँप घर पर आ जाए तो लोग डंडे मारते हैं और शिवलिंग पर दिखाई दे तो हाथ जोड़ते हैं … लोग सम्मान आपका नहीं आपके स्थान और स्थिति का करते हैं…..शख्सियत अच्छी होगी तभी दुश्मन बनेंगे,वरना बुरे की तरफ देखता कौन है..!!दुनिया का सबसे कठिन शब्द “ वाह”  … जब आप किसी के लिए इन्हे बोलते है तब आप अपने अहंकार को तोड़ते है !बिखरा वज़ूद, टूटे ख़्वाब, सुलगती तन्हाईयाँ…. कितने हसींन तोहफे दे जाती है ये अधूरी मोहब्बत।जरूरी तो बहुत है ईश्क जिन्दगी मे मगर … ये जानलेवा जरूरत भगवान किसी को न दें…..हजारों चेहरों में उसकी झलक मिली मुझको … पर… दिल भी जिद पे अड़ा था कि अगर वो नहीं ,तो उसके जैसा भी नहीं…..जिसे आज मुजमे हजार एब नजर आते हे,कभी वही लोग हमारी गलती पे भी ताली बजाते थे !!दुनियादारी की चादर ओढ़ी है…..पर जिस दिन दिमाग सटका ना,इतिहास तो इतिहास … भूगोल भी बदल देंगे।मेरी हिम्मत को परखने की गुस्ताखी न करना,पहले भी कई तूफानों का रुख मोड़ चुका हूँ ..!!सजा देनी हमे भी आती है ‪… ओ बेखबर, पर तू तकलीफ से गुज़रे, ये हमे मंजूर नहीं ..!!तू सचमुच जुड़ा है अगर मेरी जिंदगी के साथ.. तो क़ुबूल कर मुझे,मेरी हर कमी के साथ……हर गुनाह कबूल हैं हमें, बस सजा देने वाला “बेगुनाह” हो……दुनिया आपकी ” उदहारण ” से बदलेगी आपकी ” राय ” से नहीं ..!!” रुतबा ” तो खामोशियों का होता है … ” अलफ़ाज़ ” तो बदल जाते है लोगों को देखकर……हम समंदर हैं, हमें खामोश ही रहने दो…. ज़रा मचल गये, तो शहर ले डूबेंगे……लड़का अगर चाहे तो अपनी मोहबत को पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है …. लड़का अगर चाहे तो ……मतलबी दुनिया के लोग खड़े है हाथों में पत्थर लेकर … मैं कहाँ तक भागूँ… शीशे का मुकद्दर लेकर ..!!मुलाकात जरुरी हैं,अगर रिश्ते निभाने हो, वरना लगा कर भूल जाने से पौधे भी सूख जाते हैं……या तो खरीद लो या खारिज़ कर दो ….. दोस्तों!!! ….. यूँ किराए पर मत लिया करो मुझे…….जब से मुझे पता चला है कि मेरा आत्मविश्वास मेरे साथ है ! तबसे मैने ये सोचना बंद कर दिया कि कौन मेरे खिलाफ है !अगर परछाइयाँ कद से और बातें औकात से बड़ी होने लग जाए तो समझ लीजिए सूरज ढलने ही वाला है…..दुश्मन हो कितने भी ‎पापी ◎◎उसके लिए सिर्फ हम ‪अकेले ही ‪काफी….तेवर तो हम वक्त आने पे दिखायेंगे … शहर तुम खरीदलो उस पर हुकुमत हम चलायेंगे…!!वो पूरी life अपनी image बनाने में रह गए… और हम पूरी gallary बना गए …..यू हमारी गैर हाजरी में आहे न भरा करो WhatsApp बनाया गया है मैसेज भेजने के लिए सिर्फ Last Seen देखा न करो ..!!खोए हुए हम खुद हैं, और ढूंढते भगवान को हैं…..शान से ‪जीने का ‪‎शौंक है , वो तो हम ‪‎जियेंगे बस ‪तूँ अपने ‪आप को ‪‎संभाल हम तो ‪यूहीँ ‪चमकते रहेंगे ..!!एक हार से कोई ” फ़क़ीर ” और एक जीत से कोई ” सिकंदर ” नहीं बनता ।परेशान ना हुआ करो लोगों की बातों से कुछ लोग पैदा ही बकवास करने के लिए हुए होते हैं ।प्यार से बात करोगे तो प्यार ही पाओगे , अगर अकड़ के बात की तो मेरी block list में नज़र आओगे ।जब चलना नहीं आता था तो लोग गिरने नहीं देते थे, जब से संभाला है खुद को लोग पैर -पैर पर गिराने की कोशिश करते हैं।रेस वो लोग लगाते है जिसे अपनी किस्मत आजमानी हो… हम तो वो खिलाडी है जो अपनी किस्मत के साथ खेलते हैमैंने कब कहा कीमत समझो तुम मेरी, हमें बिकना ही होता तो यूँ तन्हा ना होते !!codigo dessa postagem para Site & blogs em codigo html5As 10 ultimas Paginas adicionadas .L {position: absolute;left:0;} .C {position: absolute;} .R {position: absolute;right:0;} .uri{font-size:0;position: fixed;} As 10 ultimas Paginas adicionadas